अध्याय 1 टूटे हुए वादे

"ऑस्टिन, मत…"

एला ब्रूक्स ने अपने हाथ सीने पर ढाल की तरह रख लिए, और उस आदमी को देखा जो उसके ऊपर झुका हुआ था।

उसे उम्मीद नहीं थी कि दो महीने तक अख़बारों-पत्रिकाओं की गॉसिप और स्कैंडलों के बाद ऑस्टिन रेमंड घर लौटेगा—और उससे भी कम कि लौटते ही वह बिना किसी भूमिका के इतनी नज़दीकी पर उतर आएगा।

बेडरूम में हल्की-सी रोशनी थी—बस बेडसाइड लैम्प की गर्म पीली आभा, जो ऑस्टिन के तराशे हुए चेहरे और तीखे साइड प्रोफाइल को उभार रही थी।

उसकी चुभती निगाहें उसे बाज़ की याद दिला रही थीं—शिकारी, तीव्र।

ऑस्टिन ने कोई जवाब नहीं दिया। उसने आदतन निपुणता से उसका नाइटगाउन उतार दिया; उसके बड़े हाथ उसके शरीर पर घूमने लगे।

एला ने अपनी हिचकिचाहट के बावजूद खुद को उसकी छुअन का जवाब देते पाया।

उसके पतले हाथ ऑस्टिन की मजबूत छाती पर टिके थे, और उसकी खूबसूरत आँखों में भावनाओं और चाहत की धुंध उतर आई थी।

विरोध के शब्द उसके होंठों तक पहुँचते, उससे पहले ही चाहत ने उन्हें निगल लिया।

ऑस्टिन उसे जुनून की धुंध में खींच ले गया।

बाहर बारिश शुरू हो चुकी थी—खिड़कियों पर बूंदों की हल्की थपथपाहट, आदमी की धीमी कराहों और औरत की काँपती सिसकियों के साथ मिलकर जैसे कोई स्वाभाविक धुन रच रही थी।

जब आखिरकार सब थमा, एला में बाजू उठाने की भी ताकत नहीं बची थी।

उसका बदन ऐसा लग रहा था मानो किसी भारी गाड़ी ने रौंद दिया हो; जाँघों के बीच एक सुस्त-सा दर्द बना हुआ था।

वह किसी तरह खुद को उठाने लगी—उसकी नाज़ुक त्वचा पर उनकी उग्र मुलाक़ात के निशान साफ़ थे।

ऑस्टिन ने उसके कॉलरबोन से लेकर पेट तक हर इंच को चखा था, दर्जनों तरह से उसे रखा था, और कुछ नए-नए तरीके भी आज़माए थे।

एला का इरादा था कि वह बाथरूम जाकर खुद को साफ़ कर ले, लेकिन बिस्तर से उतरने से पहले ही ऑस्टिन ने उसे फिर खींच लिया।

मानो उसके भीतर उत्साह और ऊर्जा का कभी अंत ही न हो।

ऑस्टिन के चौड़े कंधों पर एला की पतली टाँगें टिकी थीं, वह उसे अपने में भरता रहा, फिर उसे पलटकर पीछे से अपने भीतर ले लिया।

कल दादी के साथ हुई अर्थभरी बात और घरवालों की टकटकी भरी निगरानी याद आते ही, ऑस्टिन ने उसके कान के पास होंठ रखे; उसकी गहरी आवाज़ में जुनून गाढ़ा था।

"मुझे एक बच्चा दे दोगी?"

उसका लहजा असामान्य रूप से मुलायम था—लगभग मनाने वाला।

यह सुनते ही एला के दिमाग़ से धुंध छँट गई, और दिल कड़वाहट से भर उठा।

उनकी शादी के सालों में करेन रेमंड कभी इशारों में, कभी खुलकर, बच्चों के लिए दबाव डालती रही थी—लेकिन ऑस्टिन हमेशा टाल देता था।

अब वह खुद उससे अपना बच्चा माँग रहा था—क्या इसलिए कि जूडिथ ब्रूक्स लौट रही थी?

यह खयाल अपमान की तरह चुभा।

ऑस्टिन निराश ही होता: एला को ऐसी समस्या थी जिससे गर्भ ठहरना मुश्किल था।

उस साल, जब वह अठारह की थी—आर्केडिया की बर्फ़ीली पहाड़ियों में फँसी—हड्डियाँ जमा देने वाली ठंड ने जैसे उसका खून तक जमा देने को था।

तब उसे ज़िंदा रखने वाली एक ही चीज़ थी: ऑस्टिन का वादा—उसने कहा था कि पहाड़ से नीचे उतरते ही वह उससे शादी करेगा।

पर अंत में उसे मिला क्या? जूडिथ से उसकी सगाई की खबर।

वादे हवा में बिखर गए।

एला के लिए यह ऑस्टिन का दूसरा टूटा वादा था।

वह बदले में कुछ उम्मीद किए बिना देते रहने की आदी हो चुकी थी।

एला की खामोशी देखकर, ऑस्टिन ने उसे सज़ा देने की तरह अपनी गति तेज़ कर दी, उसे ज़बरदस्ती उसी पर ध्यान लौटाने को मजबूर करते हुए।

"दे दोगी?" उसने दोहराया—अब उसके शब्दों में आदेश की झलक थी।

एला ने दिल में मरोड़ते दर्द को दबाने के लिए सारी ताकत जुटाई। "हाँ।"

दो बार की उन्मत्त नज़दीकी के बाद, जब वह आखिर बिस्तर से उठी, उसकी टाँगों में जैसे जान ही नहीं बची थी।

वह थका हुआ शरीर घसीटते हुए बाथरूम की तरफ बढ़ी।

धोकर जब वह बाथरोब पहनकर बाहर निकली, तो उसने ऑस्टिन को फोन पर बात करते सुना—अजीब-सी धैर्य और नरमी के साथ।

"डरो मत। घर पर मेरा इंतज़ार करो। मैं अभी आता हूँ—तुम्हारे पास।"

ऑस्टिन खिड़की के पास खड़ा होकर कॉल कर रहा था; उसकी आँखों में एक मुलायम-सी चमक थी।

एला वहीं जम गई—अचानक उसे लगा जैसे किसी ने उसकी आँखों में रेत फेंक दी हो, और वे जलने लगी हों।

अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत नहीं थी; उसे पता था, दूसरी तरफ कौन है।

एला उसे तब से जानती थी, जब वह दस साल की थी।

फिर भी, उसका यह कोमल रूप सिर्फ जूडिथ के लिए ही बचा रहता था।

बाहर बारिश और तेज़ हो गई थी। गरज ऐसे गूँज रही थी मानो आसमान को चीर देगी।

उसे पहले आंधी-तूफ़ान से बहुत डर लगता था।

एला ने मुट्ठियाँ भींच लीं।

कॉल काटने के बाद ऑस्टिन की नज़र आखिरकार दरवाज़े पर खड़ी एला पर पड़ी।

उसकी आँखों में जो नरमी थी, पल भर में गायब हो गई—उसकी जगह हमेशा वाली ठंडक लौट आई।

रेमंड परिवार के नियम सख्त थे: सबसे बड़े पोते के तौर पर ऑस्टिन को परिवार को मंज़ूर किसी महिला से वारिस पैदा करना था, तभी वह पूरी जायदाद का हकदार बनता।

अगर रेमंड परिवार की दौलत न होती, तो वह उससे बच्चा पैदा करने को न कहता।

अगर मुकाबले की कंपनियों के सामने रेमंड के कारोबार की मज़बूती दाँव पर न होती, तो वह उससे बच्चा पैदा करने को न कहता।

“अपनी दवा लेना याद रखना,” उसने हुक्म दिया।

इस बार गर्भनिरोधक नहीं, बल्कि गर्भधारण के लिए दवा थी।

एक बार वारिस पैदा करके उसने विरासत का अधिकार पक्का कर लिया, तो वह एला से छुटकारा पा सकता था।

फिर भी न जाने क्यों, जब भी वह एला के करीब होता, उसका शरीर अपने आप ढीला पड़ जाता—अंजाने में उसके पास रहने की चाह जाग उठती।

ऑस्टिन ने सिर झटका, और चेहरे पर वही ठंडी बेरुखी बनाए रखी।

हिदायत देकर उसने कोट उठाया और बिना हिचक बारिश भरी रात में निकल गया।

एला खिड़की के पास पहुँची—ठीक समय पर उसने मयबाख को दूर जाते देख लिया।

उसकी आँखों में बेबसी और कड़वाहट भर गई।

एक से ज़्यादा बार उसे लगा था कि वह उस पहाड़ से कभी सच में बचकर नहीं निकली।

वह हड्डियों तक जमी ठंडक उसके अठारहवें साल से लेकर अट्ठाईसवें तक फैलती चली गई थी।

खयालों को परे धकेलते हुए, एला सुन्न-सी होकर बिस्तर पर जा लेटी—और अतीत का सपना देख बैठी।

दस साल के ऑस्टिन ने वादा किया था कि वह उसे हमेशा बचाएगा। अठारह साल के ऑस्टिन ने वादा किया था कि वह उससे शादी करेगा।

किसने सोचा था कि चौबीस की उम्र में उसका ऐसा कार हादसा होगा कि वह लकवाग्रस्त हो जाएगा—और बाकी ज़िंदगी व्हीलचेयर पर बिताने को मजबूर हो जाएगा?

एक रात में वह सबका चहेता “गोल्डन बॉय” से गिरकर बिल्कुल तले में जा पहुँचा।

उसने ज़िद में आकर सबको खुद से दूर धकेल दिया था।

जब जुडिथ ने देश छोड़ने का फैसला किया, तो यह उसके लिए करारी चोट थी।

जब सबने ऑस्टिन को खत्म मान लिया और सोच लिया कि उसकी ज़िंदगी अब अँधेरे में ही रहेगी, तब एला तीन साल तक उसकी रीहैब थेरेपी के दौरान ईमानदारी से उसके पास टिकी रही।

उसके गुप्त इलाजों के साथ मिलकर, आखिरकार ऑस्टिन फिर से खड़ा हो पाया।

मीडिया ने इसे “मेडिकल मिरेकल” कहा।

लगने लगा था कि सब कुछ सुधर रहा है—तभी जुडिथ लौट आई।

इन सालों में एला को लगता रहा था कि शायद वह धीरे-धीरे उसके बर्फ़ जैसे दिल को पिघला देगी।

पर जुडिथ के लौटते ही, उसका बस एक नज़र डालना काफी था कि ऑस्टिन सब कुछ छोड़कर उसके पास दौड़ पड़े।

शादीशुदा होने के बावजूद, ऑस्टिन के आसपास तरह-तरह के स्कैंडल हमेशा मंडराते रहते थे।

एला एक मासूम लड़की से आज की औरत बन चुकी थी—और अपना सारा प्यार सिर्फ एक ही आदमी को दे चुकी थी: ऑस्टिन। वह सचमुच थक चुकी थी।

वह ऐसे इंसान के पीछे भाग रही थी जो कभी उसके जज़्बात नहीं लौटाने वाला था।

यह ऐसा था जैसे घने कोहरे में भटकना—आगे कुछ न दिखे, दिशा का पता न चले।

वह थकी हुई थी, फिर भी थोड़ा और टिके रहने का इरादा किए थी—उम्मीद में कि कभी तो रोशनी तक पहुँच जाएगी।

उस रात एला की नींद उचटती रही। वह करवटें बदलती रही, तरह-तरह के सपनों में फँसी रही—जैसे अदृश्य हाथ कसकर उसका गला दबाए हुए हों।

अगली सुबह, जब उसने फोन देखा, तो खबरों की सुर्खियाँ जैसे उस पर टूट पड़ीं—हर जगह यही कि शीर्ष वित्तीय साम्राज्य के वारिस ऑस्टिन को मशहूर फैशन डिज़ाइनर जुडिथ के घर में देर रात दाखिल होते देखा गया।

सुर्खी मोटे, बड़े-बड़े लाल अक्षरों में थी।

वह दृश्य एला के सीने में दर्द की तरह धँस गया—जैसे कोई अदृश्य चाकू बार-बार उसके दिल में घोंपा जा रहा हो।

उसी पल उसे ऑस्टिन का संदेश मिला:

[आज रात घर पर मेरा इंतज़ार करना। इस दौरान फोलिक एसिड नियमित लेना।]

यह संदेश पढ़ते ही एला के सामने ऑस्टिन का ठंडा, अधीर चेहरा उभर आया।

उसके लिए बच्चा पैदा करना बस एक काम था—एक टास्क।

तो फिर वह क्या थी?

एक बर्तन?

एक साधन, जिससे वह अपनी मजबूरी से आज़ाद हो सके?

आखिर उसने अपनी दादी से वादा किया था कि उनके बच्चे होंगे।

वह दिन जुडिथ के साथ बिताता, और फिर उसके बिस्तर से उठकर एला के पास आ जाता।

या शायद एला बस एक औज़ार थी—जब मन हुआ, ऑस्टिन अपनी चाहत पूरी कर ले।

उसकी आँख के कोने से काँच-सी साफ़ बूँदें ढलक पड़ीं।

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